Sunday, July 27, 2014

रे! मना!

अपनी मूढ़ता पर रो मना!
अपने घमंड का खेल देख मना!
यहाँ तो मेरे कहने से भी भक्ति नही आएगी
ये दर्द नहीं जाएगें
ये प्राण छटपटाएँगे
प्रभु का नाम लो मना!
प्रभु प्रभु प्रभु लत लगाओ
कहते है कि असर होगा!

मेरे प्यारे मना! हृदयाप्रेम के घर!
अपने आँगन को साफ रखना
वो कभी भी आ सकते है
अब अभी अभी अभी अभी
सुना है ऐसे मैने रे! मना!
तुम भी तो प्रभु की ही  देन हो
उनकी की ही परछाई में बनी हो
तुम भी तो कान्हा दुलारी हो
रो कर खूब सफाई कर लो घर की
वो कभी भी आ सकते है
अब अभी अभी अभी अभी
सुना है ऐसे मैने रे! मना!

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